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Showing posts from March, 2020

लॉकडाउन में रिश्तों की 'एंट्री'

       आज सुबह से ही शोभना का दिल बेहद घबरा रहा था। लेकिन इस घबराहट में कहीं भी बुरे ख्याल या डर जैसा अहसास नहीं था। बस उसे बार—बार कुछ अलग होने का आभास हो रहा था। वह सोच में थी। लगभग पंद्रह साल बीत गए और इन बीते सालों में कभी—भी उन्होंने ख़ैर ख़बर नहीं ली। कहां होंगे, कैसे होंगे, क्या करते होंगे...। बस ये ही सवाल आते और जाते रहे। उसे बस इस बात की ही चिंता सताए जा रही थी कि ऐसे हालातों में आख़िर वो कैसे होंगे।                 तभी शोभना के बेटे अमित ने उसे आवाज़ लगाई। मां चाय पीओगी, मैं अपने लिए बना रहा हूं। शोभना ने कहा हां बेटा बना लें, बस चीनी थोड़ी कम डालना। इस वक़्त मीठा कम ही लें तो अच्छा है। बार—बार टीवी पर इम्यूनिटी बढ़ाने की बातें हो रही है। हमारी तरफ से ज़रा सी भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अमित ने भी रसोईघर से चिल्लाकर कहा, हां मां हां...। तुम चिंता मत करो..किसी को भी कुछ नहीं होगा। थोड़े दिन में ये संकट टल जाएगा। तभी शोभना ने लंबी सांस ली, हां बेटा बस जल्दी ही समय टल जाए। दोनों मां—बेटे एक—साथ बैठकर चाय पीते है।  तभी अचानक से घर के दरवाजे की घंटी बजी। शोभना दरवाजा खोलने क

दम तोड़ता 'सवाल'

                  ज़िंदगी में कई बार सवाल बहुत होते है लेकिन उनके जवाब तलाशते हुए पूरी उम्र बीत जाती है। और जिन सवालों के जवाब अगर मिल भी जाते हैं तब कई बार उन्हें मन के भीतर ही दबाएं रखने को मजबूर भी होना पड़ता है। शायद ये जवाब एक खामोशी की शक्ल ले लेते है और ताउम्र सिर्फ एक सवाल बनकर ही दम तोड़ देते है।       आज जब अक्षांश ने अपनी मां मीता से ये सवाल पूछा कि मां मेरे सभी दोस्तों के भाई और बहन है लेकिन मैं अकेला क्यूं हूं? सवाल मासूमियत भरा था लेकिन इसका जवाब मीता की खामोशी के आंचल में छूप गया। उसने अक्षांश को बगैर इसका जवाब दिए हंसते हुए टाल दिया। और फिर बच्चे तो बच्चे ही होते हैं, वो भी मां की बातों में बहल गया और खेलने चला गया। लेकिन ढलती सांझ और डूबते सूरज की लालिमा ने मीता की खामोशी से एक सवाल किया। क्या वाकई अपने मासूम बच्चे के इस सवाल का उसके पास कोई जवाब नहीं था? या वह उसे इसका जवाब देना नहीं चाहती थी...।        मीता के मन की उथल—पुथल ने उसे वो लम्हा याद दिला दिया जब छह साल पहले अक्षांश होने वाला था। मई की तेज गर्मी और नौ माह का पेट लिए वह अपने पति के साथ शहर के सबसे बड़े